CJI ने कहा—क्या प्रशासन अदालत के आदेश को चुनौती दे रहा है? राज्य सरकार से मांगा जवाब, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Supreme Court of India में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में हुई हालिया घटनाओं को लेकर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश DY Chandrachud ने राज्य प्रशासन पर कड़ा रुख अपनाया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर गंभीर आपत्ति जताई कि संवेदनशील स्थिति के बावजूद मालदा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर मौजूद क्यों नहीं थे।
CJI ने तीखे शब्दों में पूछा,
👉 “क्या यह अदालत के आदेश की अवहेलना है? क्या प्रशासन कोर्ट को चुनौती दे रहा है?”
अदालत ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति हो, तब वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी बेहद जरूरी होती है ताकि हालात पर नियंत्रण रखा जा सके।
⚖️ कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां:
- प्रशासन की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता पर सवाल
- राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब
- भविष्य में ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
📍 क्या है मामला?
Malda में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं और तनाव को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन समय पर कार्रवाई करने में नाकाम रहा, जिससे हालात बिगड़ गए।
🏛️ राज्य सरकार की स्थिति:
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। हालांकि, अदालत ने इस दलील को पर्याप्त नहीं माना और जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
🔍 अगली सुनवाई:
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट और उठाए गए कदमों की जानकारी अगली







