शुभेंदु अधिकारी का आरोप—बंगाल में वोट बैंक की राजनीति के लिए बड़े पैमाने पर जारी हुए जाति प्रमाणपत्र, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

पश्चिम बंगाल की राजनीति में जाति प्रमाणपत्रों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि ममता बनर्जी सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में करीब 1.69 करोड़ लोगों को OBC, SC और ST श्रेणी के प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिसकी अब जांच कराई जाएगी। शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि इन प्रमाणपत्रों का वितरण पारदर्शिता के बजाय राजनीतिक लाभ और वोट बैंक की रणनीति के तहत किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो प्रमाणपत्र वितरण की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पात्र लोगों को ही लाभ मिला या नहीं। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस बयान को राजनीतिक स्टंट बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार ने संविधान और नियमों के तहत पात्र वर्गों को उनका अधिकार दिया है, और विपक्ष केवल चुनावी माहौल बनाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे पर आधिकारिक जांच होती है तो यह बंगाल की सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकती है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा प्रमुख बहस का केंद्र बन सकता है।






