कीमतों में उछाल के बावजूद उत्तर प्रदेश में हर साल करीब 100 टन सोने की बनी रहती है मांग

सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद उत्तर प्रदेश में गोल्ड के प्रति लोगों का आकर्षण कम नहीं हुआ है। शादी-विवाह, त्योहारों और पारंपरिक निवेश के तौर पर यूपी में हर साल करीब 100 टन सोने की मांग बनी रहती है। ज्वेलरी कारोबारियों के मुताबिक, सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद ग्राहक खरीदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षित निवेश का प्रतीक माना जाता है। खासकर शादियों के सीजन में परिवार बजट बढ़ाकर भी सोने की खरीदारी करते हैं। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में ज्वेलरी मार्केट में लगातार ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।

कारोबारियों के अनुसार, कीमत बढ़ने से लोग भारी ज्वेलरी की जगह हल्के और डिजाइनर आभूषणों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, लेकिन मांग में बड़ी गिरावट नहीं दिख रही। डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प आने के बावजूद पारंपरिक सोने की चमक यूपी के लोगों के बीच बरकरार है। बाजार जानकार मानते हैं कि आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की मांग और बढ़ सकती है।






