सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद NTA की सफाई, सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलने का दावा

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (CUET PG) 2026 को लेकर उठे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। एजेंसी ने साफ कहा है कि री-शेड्यूल या अलग-अलग तारीखों पर आयोजित की गई परीक्षाओं के लिए किसी भी अभ्यर्थी के स्कोर पर नॉर्मलाइजेशन (Score Normalisation) लागू नहीं किया गया है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने सवाल उठाए थे कि कुछ विषयों की परीक्षा एक से अधिक तारीखों पर आयोजित की गई, फिर भी स्कोर नॉर्मलाइजेशन क्यों नहीं किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए NTA ने कहा कि अलग-अलग दिनों में आयोजित प्रश्नपत्रों को समान कठिनाई स्तर (Equivalent Difficulty Level) के आधार पर तैयार किया गया था। इसलिए सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन समान परिस्थितियों में हुआ और नॉर्मलाइजेशन की आवश्यकता नहीं पड़ी।

एजेंसी के अनुसार, परीक्षा विशेषज्ञों और विषय विशेषज्ञों ने यह सुनिश्चित किया था कि विभिन्न तिथियों पर आयोजित प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर एक जैसा रहे। इसी वजह से किसी भी उम्मीदवार को अतिरिक्त लाभ या नुकसान नहीं हुआ।

NTA ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित की गई है। उम्मीदवारों के बीच समान अवसर बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक मानकों का पालन किया गया और परिणाम तैयार करते समय निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से अनुपालन किया गया।
गौरतलब है कि सामान्य परिस्थितियों में नॉर्मलाइजेशन का उपयोग तब किया जाता है जब विभिन्न शिफ्टों या प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर होने की संभावना हो। लेकिन NTA का दावा है कि CUET PG 2026 के री-शेड्यूल किए गए पेपर्स में ऐसा कोई अंतर नहीं था, इसलिए स्कोर को सीधे आधार पर ही जारी किया गया है।
अब NTA के इस स्पष्टीकरण के बाद छात्रों की ओर से उठ रही कई शंकाओं पर विराम लगने की उम्मीद है। हालांकि कुछ अभ्यर्थी अभी भी इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
NTA ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें।



