एक ही साल में अलग-अलग राज्यों से डिग्री लेने के दावों पर उठे सवाल, जांच तेज होने से बढ़ीं मुश्किलें

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बागीदौरा से विधायक Jaikrishna Patel फर्जी शैक्षणिक डिग्री मामले में जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच तेज कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
जांच के केंद्र में विधायक के शैक्षणिक रिकॉर्ड हैं। आरोप है कि जयकृष्ण पटेल ने अलग-अलग दस्तावेजों में एक ही वर्ष में विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटियों से स्नातक डिग्री हासिल करने का दावा किया। चुनावी शपथपत्र और अन्य अभिलेखों में सामने आए इन तथ्यों के बाद SOG ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की है।

रिपोर्टों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सवाल उठाया गया है कि क्या एक ही वर्ष में राजस्थान, गुजरात और सिक्किम से स्नातक की डिग्री प्राप्त करना संभव था। इसी आधार पर दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आरोप लगे कि कथित शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का उपयोग पूर्व में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए भी किया गया था।

राजनीतिक विरोधियों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए विधायक की सदस्यता तक रद्द करने की मांग उठाई है। वहीं सरकार से जुड़े नेताओं का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने इसलिए भी सियासी रंग पकड़ लिया है क्योंकि जयकृष्ण पटेल आदिवासी क्षेत्र की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। उनकी पार्टी और समर्थक फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं, जबकि विपक्ष लगातार हमलावर है।
SOG ने अभी तक जांच के अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं। एजेंसी दस्तावेजों, विश्वविद्यालय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित प्रमाणों का सत्यापन कर रही है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो मामला केवल आपराधिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी विधायकी पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल पूरे राजस्थान की नजरें SOG की जांच पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में होने वाले खुलासे राज्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं।



