गुप्त बैठक के बाद बदला ट्रंप का रुख, ईरान पर हमले का दिया आदेश

वॉशिंगटन: ईरान युद्ध में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा नाजुक युद्धविराम टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों को मंजूरी दे दी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले से पहले व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक बेहद अहम और तनावपूर्ण बैठक हुई, जहां ट्रंप के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें ताजा खुफिया और सैन्य जानकारी दी। इसके बाद ट्रंप ने कथित तौर पर माना कि ईरान के साथ चल रही समझौते की कोशिश अब आगे नहीं बढ़ सकती।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति के सामने हालात का नया आकलन रखा। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों, समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ते खतरे और ईरान की गतिविधियों ने अमेरिकी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। ताजा जानकारी मिलने के बाद ट्रंप का रुख तेजी से बदला और उन्होंने नए हमलों की अनुमति दे दी।
इसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ताजा हवाई हमले किए। जवाब में तेहरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अमेरिका से जुड़े लक्ष्यों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमलों का दावा किया। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान ने कुवैत, कतर, बहरीन और जॉर्डन से जुड़े अमेरिकी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने की बात कही, जबकि अमेरिकी पक्ष ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने की कार्रवाई की पुष्टि की। इससे तीन सप्ताह पुराने नाजुक युद्धविराम के लगभग पूरी तरह टूटने की स्थिति बन गई।

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध का खतरा फिर बढ़ गया है। तेल बाजार, समुद्री व्यापार और खाड़ी देशों की सुरक्षा पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और ईरान दोबारा बातचीत की मेज पर लौटेंगे, या यह संघर्ष आने वाले दिनों में और अधिक विनाशकारी रूप लेगा।






