15 Best News Portal Development Company In India

Painkiller Side Effects: क्या आप भी हल्के दर्द में तुरंत पेन किलर खा लेते हैं? जानिए यह आदत कितनी खतरनाक हो सकती है

SHARE:

बार-बार दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी, लीवर और पेट को पहुंचा सकता है गंभीर नुकसान

 

 

सिरदर्द, बदन दर्द, दांत का दर्द या हल्का बुखार होते ही कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के तुरंत पेन किलर (Painkiller) खा लेते हैं। आज के व्यस्त जीवन में दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जरूरत और बार-बार पेन किलर लेना शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कुछ समय की राहत देने वाली ये दवाएं लंबे समय में कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

अधिकांश दर्द निवारक दवाएं NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) वर्ग की होती हैं, जिनमें इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक, नेप्रोक्सेन जैसी दवाएं शामिल हैं। वहीं पैरासिटामोल भी दर्द और बुखार में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है। यदि इन दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना, अधिक मात्रा में या लंबे समय तक किया जाए, तो इनके दुष्प्रभाव गंभीर हो सकते हैं।

पेट पर पड़ता है सबसे पहले असर

बार-बार पेन किलर लेने से पेट की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है। इससे गैस, एसिडिटी, पेट में जलन, अल्सर और यहां तक कि पेट या आंतों से खून आने जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से अल्सर या एसिडिटी की शिकायत है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

किडनी और लीवर को हो सकता है नुकसान

लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में यह किडनी फेल होने का जोखिम भी बढ़ा सकता है। वहीं पैरासिटामोल की जरूरत से ज्यादा खुराक लीवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है और गंभीर स्थिति में लीवर फेलियर तक का कारण बन सकती है।

दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है असर

कुछ प्रकार की पेन किलर दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है।

दर्द छिपता है, बीमारी नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि पेन किलर केवल दर्द को कुछ समय के लिए कम करती है, लेकिन दर्द की असली वजह का इलाज नहीं करती। यदि बार-बार दर्द हो रहा है और हर बार दवा लेकर उसे दबा दिया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों की पहचान देर से हो सकती है। इसलिए लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि दर्द कई दिनों तक बना रहे, बार-बार पेन किलर लेने की जरूरत पड़ रही हो, दवा खाने के बाद पेट में तेज दर्द, उल्टी, काले रंग का मल, पेशाब कम आना, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

पेन किलर लेते समय रखें ये सावधानियां

  • बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेन किलर न लें।
  • निर्धारित मात्रा (डोज) से अधिक दवा कभी न लें।
  • खाली पेट दर्द निवारक दवा लेने से बचें (जब तक डॉक्टर अलग सलाह न दें)।
  • शराब के साथ पेन किलर का सेवन न करें।
  • यदि पहले से किडनी, लीवर, हृदय या पेट की बीमारी है, तो दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • दर्द लगातार बना रहे तो केवल दवा पर निर्भर रहने के बजाय कारण का इलाज कराएं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पेन किलर का सही समय, सही मात्रा और सही कारण से इस्तेमाल सुरक्षित हो सकता है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की आदत बना लेना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। दर्द को दबाने के बजाय उसके कारण का पता लगाना और उचित इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

Leave a Comment