तलाशी अभियान के बाद भड़का बवाल, सुरक्षाबलों ने आंसू गैस छोड़कर हालात संभाले।

मणिपुर के सेनापति जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी, जब तलाशी अभियान के कुछ घंटों बाद उग्र भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों लोगों की भीड़ ने कैंप पर पथराव किया, बैरकों और परिसर में तोड़फोड़ की तथा सुरक्षाबलों के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात करना पड़ा।
बताया गया कि सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया था। इसी कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए।
हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई, जबकि दो अन्य वाहनों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक नागरिक वाहन के भी आग की चपेट में आने की सूचना है। कैंप परिसर में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया। देर रात तक चले अभियान के बाद हालात पर काबू पा लिया गया। प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल सेनापति जिले में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रहेगी।

मणिपुर में पिछले कुछ वर्षों से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियानों और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। मामले की जांच जारी है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






