शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने का फैसला, आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों पर कार्रवाई जारी रहेगी

दिल्ली सरकार ने जंतर-मंतर पर हुए ‘चलो संसद’ प्रदर्शन में शामिल अधिकांश प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों में प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि, जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
सरकार का यह निर्णय हाल के छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर हुई समीक्षा के बाद लिया गया है। दिल्ली सरकार ने पुलिस से प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों और हिरासत में लिए गए लोगों की भी समीक्षा करने को कहा है, ताकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का भी खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए उपलब्ध है और उसके बंद होने की खबरें भ्रामक हैं।

सरकार के इस फैसले को प्रदर्शनकारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, हिंसा या गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।






