गलत खानपान और कम Physical Activity बढ़ा रहे खतरा, रोजमर्रा की आदतों में करें बदलाव

भारत में मोटापा तेजी से बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो गया है। केंद्र सरकार ने 2025 में चेतावनी दी थी कि अगर रोकथाम के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो 2050 तक भारत की करीब एक-तिहाई आबादी मोटापे की चपेट में आ सकती है। यह अनुमान ICMR-INDIAB के आंकड़ों और वैश्विक अध्ययनों के आधार पर सामने आया है।
मोटापे के बढ़ते मामलों के पीछे असंतुलित खानपान, ज्यादा कैलोरी वाले और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, मीठे पेय पदार्थ, लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारण प्रमुख माने जाते हैं। NFHS-5 के अनुसार, 2019-21 में भारत में करीब 24% महिलाएं और 23% पुरुष ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में थे।

मोटापे से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे लेकिन लगातार बदलाव किए जा सकते हैं। खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दाल और पर्याप्त प्रोटीन को प्राथमिकता दें। ज्यादा तेल, चीनी, मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें। नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाना भी जरूरी है।

अगर वजन लगातार बढ़ रहा है या मोटापे के साथ ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं दिखाई दे रही हैं, तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। मोटापा केवल दिखावे से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम से भी जुड़ा है।






