लखनऊ में दो दिवसीय कार्यक्रम में 200 से अधिक उद्यमियों ने लिया हिस्सा

लखनऊ के गोमती नगर स्थित पीएचडी हाउस में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSE) के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘वेंडर विकास कार्यक्रम-2026’ का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक एमएसई उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों, सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन शशि भूषण लाल सुशील मुख्य अतिथि रहे। सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव और निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के अतिरिक्त आयुक्त पवन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि ने कहा कि एमएसएमई के लिए केवल वित्तीय सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे बाजार और स्थायी कारोबारी अवसरों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सीएम युवा जैसी योजनाओं को ऋण के साथ बाजार, ऑर्डर और स्थायी राजस्व से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही GeM, सरकारी खरीद, बड़े उद्योगों और संस्थागत खरीदारों तक एमएसई की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में निर्यात, व्यापार वित्त, जोखिम प्रबंधन, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, बौद्धिक संपदा और सरकारी खरीद पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। PSU-MSE B2B Meet के जरिए उद्यमियों को सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिला।
अधिकारियों ने कहा कि वित्त, उत्पादन, बाजार और ऑर्डर के बीच मजबूत लिंकेज तैयार होने से छोटे उद्यमों को नए कारोबारी अवसर मिलेंगे और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
रिपोर्ट: अनुराग सिंह, ब्यूरो लखनऊ






