मद्महेश्वर में 21 मई से शुरू होंगे दर्शन, पांडवों को यहीं दिखी थी भगवान शिव की पीठ

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंच केदारों में शामिल तुंगनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
मंदिर समिति के अनुसार, कपाट खुलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इस मौके पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु तुंगनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं।

🛕 मद्महेश्वर में 21 मई से दर्शन
पंच केदारों में एक अन्य महत्वपूर्ण धाम मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 21 मई से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यहां भी प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा तैयारियां जोरों पर हैं।
📜 पौराणिक मान्यता
मान्यता है कि महाभारत काल में पांडव भगवान शिव की खोज में यहां पहुंचे थे। माना जाता है कि भगवान शिव ने बैल का रूप धारण किया था और जब पांडवों ने उन्हें पहचान लिया, तो वे भूमि में समा गए। इसी दौरान उनकी पीठ का हिस्सा मद्महेश्वर में प्रकट हुआ, जिसकी आज भी पूजा होती है।
🧭 धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन ने यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए हैं।
⚠️ श्रद्धालुओं के लिए सलाह
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए पूरी तैयारी के साथ ही यात्रा करें।






