तीन जून को होगी अगली सुनवाई, ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति को दी गई है कानूनी चुनौती

ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने इस मामले में सरकार को तीन जून तक अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का निर्णय संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा कि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, राज्य सरकार अब अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन जून को निर्धारित की है। इस मामले पर प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि अदालत का फैसला पंचायत प्रशासन और ग्रामीण शासन व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।




