15 Best News Portal Development Company In India

इंडोनेशिया में PM मोदी की ‘शिव भक्ति’, प्रम्बानन मंदिर पहुंचे; बोले— यहां की हवा में संस्कृति की खुशबू

SHARE:

प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, बोले— इंडोनेशिया की हवा में संस्कृति की खुशबू 

 

 

PM Modi In Indonesia LIVE: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को अपने इंडोनेशिया दौरे के दौरान योग्यकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto भी मौजूद रहे। करीब एक हजार वर्ष पुराने इस विशाल हिंदू मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को भारत और Indonesia के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

प्रम्बानन मंदिर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने परिसर की ऐतिहासिक भव्यता, स्थापत्य कला और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। यह प्राचीन मंदिर त्रिमूर्ति परंपरा—भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा—से जुड़ा हुआ है और दक्षिण-पूर्व एशिया की महत्वपूर्ण हिंदू विरासतों में गिना जाता है। पीएम मोदी की इस यात्रा ने एक बार फिर रेखांकित किया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति, व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी जड़ें सदियों पुराने सांस्कृतिक संपर्कों में भी मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा से जुड़ा वीडियो भी साझा किया और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश दिया। विभिन्न रिपोर्टों में उनके वक्तव्य को भारत और इंडोनेशिया की साझा आध्यात्मिक विरासत से जोड़कर देखा गया है। उन्होंने प्रम्बानन के वातावरण और संस्कृति की अनुभूति का उल्लेख किया, जबकि एक अन्य प्रमुख संदेश में “कैलाश से प्रम्बानन तक महामृत्युंजय मंत्र” की गूंज की बात सामने आई। इस बयान ने उनकी मंदिर यात्रा को विशेष सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व दिया।

भारत-इंडोनेशिया के रिश्तों में संस्कृति की मजबूत कड़ी

भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में रामायण, महाभारत, हिंदू-बौद्ध विरासत, प्राचीन समुद्री संपर्क और कला-संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रम्बानन मंदिर की यात्रा इसी दीर्घकालीन सभ्यतागत रिश्ते की एक मजबूत झलक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब दोनों देश रणनीतिक, आर्थिक, समुद्री और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

प्रम्बानन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इंडोनेशिया की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विविधता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। मंदिर की भव्य संरचना, विशाल परिसर और प्राचीन स्थापत्य कला दुनिया भर के पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो की संयुक्त मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक स्थल को भारत-इंडोनेशिया मित्रता के नए प्रतीक के रूप में भी चर्चा में ला दिया है।

संरक्षण परियोजना को भी मिला नया महत्व

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान प्रम्बानन मंदिर से जुड़ी संरक्षण पहल भी प्रमुख चर्चा में रही। रिपोर्टों के अनुसार भारत और इंडोनेशिया इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं, और दोनों नेताओं की मौजूदगी में संरक्षण परियोजना को औपचारिक महत्व मिला। यह पहल केवल एक प्राचीन स्मारक की सुरक्षा तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि दोनों देशों की साझा सभ्यतागत विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

पीएम मोदी की प्रम्बानन मंदिर यात्रा का संदेश स्पष्ट है—भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती आधुनिक हितों के साथ-साथ हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों पर भी आधारित है। मंदिर परिसर में उनकी उपस्थिति, पूजा-अर्चना और साझा विरासत पर जोर ने इस दौरे को कूटनीतिक कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षण बना दिया है।

Lokseva Bureau
Author: Lokseva Bureau

Leave a Comment